सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नजदीकी ग्राम चंदाई में प्रस्तावित चूना पत्थर खदान के विरोध में ग्राम पंचायत चंदाई के ग्रामीणों ने बैठक कर जोरदार विरोध दर्ज कराया। बैठक में गांव के बच्चे, बुजुर्ग और नवयुवक बड़ी संख्या में शामिल हुए और एकजुट होकर खदान का विरोध करने का निर्णय लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि सारंगढ़ परिक्षेत्र के लगभग 1800 एकड़ क्षेत्र में चूना पत्थर खदान का प्रभाव पड़ेगा, जिससे खेती की जमीन, पर्यावरण और गांव के जीवन पर बड़ा असर पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से खेती करते आ रहे हैं और अपनी कृषि भूमि को किसी भी हालत में माइनिंग के लिए नहीं देंगे।
बैठक में ग्रामीणों ने एक स्वर में खदान बंद कराने का निर्णय लिया और चेतावनी दी कि यदि खदान खोलने की प्रक्रिया बंद नहीं की गई तो आने वाले समय में बड़े स्तर पर आंदोलन और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यह लड़ाई जमीन, जल और भविष्य को बचाने की लड़ाई है, और पूरे गांव के लोग इसके लिए एकजुट हैं।

इसमें चंदाई ,कुटेला, जूनाडीह, रपागुल्ला, सारंगढ़, खम्हारडीह , भैसाधान , और सुलोनी , खैरहा ,गाताडीह, भोजपुर ,पचपेड़ी, हरिहरपाली प्रभावित होंगे
