बरमकेला न्यूज
मनरेगा कार्य में भारी फर्जीवाड़ा, मौके पर 5 मजदूर, कागजों में 30 की हाजिरी
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को साल में कम-से-कम 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराना है। इस योजना ने गाँवों में पलायन को रोका, गरीब परिवारों को सम्मानजनक आजीविका दी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की।
मनरेगा के तहत तालाब, सड़क, जल-संरक्षण और भूमि सुधार जैसे कार्य हुए, जिससे स्थानीय संसाधनों का विकास हुआ। यह योजना सिर्फ़ रोज़गार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा का भरोसा भी है।

ग्राम पंचायत कंठी पाली नया तलाब निर्माण कार्य ( खो खो मूड़ा ) में काम करते हुए 5 लोग उपस्थित लोगो ने बताया कि 3 लोग और भी है जो खाना खाने गए हुए हैं टोटल 8 लोगो का उपस्थिति बताया गया लेकिन हाजरी 30 लोगो का ऑनलाइन आज देखने को मिला
जनपद पंचायत बरमकेला अंतर्गत ग्राम पंचायत कंठीपाली में मनरेगा योजना के तहत बनाए जा रहे नए तालाब निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता सामने आई है। मौके पर कार्य करते हुए मात्र 5 से 7 मजदूर ही दिखाई दे रहे हैं, जबकि कागजों में 30 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी भरी जा रही है।
ग्रामीण मजदूरों से बातचीत में यह बात सामने आई कि कार्य पिछले तीन दिनों से प्रारंभ हुआ है, लेकिन रोजाना काम करने केवल 5–7 मजदूर ही आते हैं। इसके बावजूद रोजगार सहायक द्वारा मनरेगा पोर्टल में बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर दी जा रही है, जो सीधे तौर पर सरकारी राशि के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।

