सारंगढ़-बिलाईगढ़।
देशभर में मतदाता सूची में हेराफेरी और नागरिकों को मतदान अधिकार से वंचित किए जाने के खिलाफ “#VoteChori हटाओ – हमारे वोटों की चोरी रोकें” अभियान तेजी से फैल रहा है। इसी क्रम में “वोट चोर गद्दी छोड़” हस्ताक्षर अभियान के तहत सारंगढ़ विधानसभा के ग्राम खोरीगांव में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस की सह प्रभारी एवं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सचिव सुश्री जरिता लैतफ़लॉग (छत्तीसगढ़ सह प्रभारी) की विशेष उपस्थिति रही।
साथ ही सारंगढ़-बिलाईगढ़ कांग्रेस के प्रभारी आलोक चंद्राकर जी, जिला अध्यक्ष ताराचंद देवांगन, सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े, बिलाईगढ़ विधायक कविता लहरे, प्रदेश प्रतिनिधि गण घनश्याम मनहर, सूरज तिवारी, शरद यादव, गणपत जांगड़े, विक्की आहूजा, संजय दुबे गोल्डी नायक, विष्णु चंद्र विनोद भारद्वाज, पुरुषोत्तम साहू ताराचंद पटेल शुभम वाजपेई अभिषेक शर्मा पुष्पराज बरिहा मितेंद्र यादव शाहजहां खान सिद्धु खूँटे नागेश्वर महंत अश्वनी चंद्र केशव पातर अग्रसेन साहू विजय विक्की पटेल गोपाल बाघे मनोहर नायक किशोर पटेल महेश नायक कन्हैया सारथी बंटी साहू नोबेल हिमांशु पाणिग्रही विजेंद्र गुड्डू कमल यादव सतीश श्रीवास गणपति प्राणी प्रमोद नायक बिनोद भारद्वाज, सत्य निषाद अंकित पटेल सुशील एवं खोरीगांव के सरपंच तथा प्रदेश उपाध्यक्ष (कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग) तिलक नायक सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता इस अभियान में शामिल हुए।

अभियान के दौरान ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर कर चुनाव आयोग से मतदाता सूची में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत हर नागरिक का वोट है, और किसी भी तरह की “वोट चोरी” जनता की आवाज़ की चोरी है। यदि मतदाता सूचियों में हेराफेरी नहीं रोकी गई तो लोकतंत्र की जड़ें कमजोर होंगी।
अभियान की प्रमुख माँगें:
- फोटो सहित मशीन रीडेबल मतदाता सूची को सार्वजनिक किया जाए।
- हर चुनाव से पहले जोड़े और हटाए गए नामों की सूची पारदर्शी ढंग से प्रकाशित हो।
- गलत तरीके से नाम हटाए जाने पर शिकायत निवारण की सरल प्रणाली बने।
- मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया समय पर और निष्पक्ष रूप से संचालित की जाए।
- मतदाता दमन (Voter Suppression) में शामिल अधिकारियों व एजेंटों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि “हर नागरिक का वोट सुरक्षित रहे, यही लोकतंत्र की असली जीत है।”
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर इस जन आंदोलन को समर्थन दिया।
